जो कभी मेरे पैरों की जंजीर हुआ करते थे -Ambika Rahee


जो कभी मेरे पैरों की जंजीर हुआ करते थे,
कहते है मिलकर हम तुमपर बहुत मरते थे,
उनके झूठे आंसुओ का मैं कैसे यकीन करूँ,
पहले रोता था मैं और वो देखकर हँसते थे ,

-Ambika Rahee

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